
नई दिल्ली : राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) आज भारत की सबसे भरोसेमंद आपदा राहत एजेंसी के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। प्राकृतिक आपदाओं से लेकर मानव-निर्मित संकटों तक, हर चुनौती में NDRF ने अपनी तत्परता और दक्षता से देश को एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान किया है।
आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत अब केवल राहत कार्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक स्तर पर मानवीय सहायता देने वाले अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। हाल के वर्षों में तुर्की, नेपाल और अन्य देशों में आए भीषण भूकंप के दौरान NDRF की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अत्याधुनिक तकनीक, विशेष प्रशिक्षण और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के कारण NDRF आज आपदा प्रबंधन का मॉडल बन चुका है। ड्रोन, सर्च एंड रेस्क्यू डॉग्स, अंडरवॉटर ऑपरेशन टीम और CBRN विशेषज्ञता ने इस बल को और अधिक सक्षम बनाया है।
देश में अब आपदा प्रबंधन का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। पहले जहां आपदाओं के बाद राहत पहुंचाने पर जोर रहता था, वहीं अब आपदा से पहले तैयारी, मॉक ड्रिल, जन-जागरूकता और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।NDRF की यह कार्यप्रणाली न केवल जान-माल की क्षति को कम कर रही है, बल्कि भारत को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक वैश्विक लीडर के रूप में स्थापित कर रही है।






