
चंडीगढ़, भारत : युवा इनोवेटर्स को सशक्त बनाने, क्रिएटिविटी को बढ़ावा देने और प्रभावी विचारों (आइडियाज़) को टेक्नोलॉजी-आधारित, रियल-वर्ल्ड सॉल्यूशन में बदलने के लिए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भारत का पहला एआई फेस्ट लॉन्च किया। इस तीन तीन दिवसीय मेगा इनोवेशन पहल में तीन फ्लैगशिप प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जिनमें ‘‘सीयू इन्नोवफेस्ट 2026’, कैंपस टैंक और सैंडबॉक्स शामिल हैं। यह फेस्ट 19 से 21 फरवरी तक नई दिल्ली में होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के अनुरूप आयोजित किया जाएगा। एआई-आधारित स्टार्टअप और एंटरप्रेन्योरियल टैलेंट के लिए एक नेशनल लॉन्चपैड के रूप में देखे जा रहे इस फेस्ट का मकसद मेंटरशिप, इंडस्ट्री एक्सपोजर, फंडिंग के रास्ते और इनक्यूबेशन सपोर्ट देकर आइडिया जेनरेशन, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और मार्केट-रेडी सॉल्यूशन के बीच के अंतर को भरना है। एआई, डीप टेक और उभरती टेक्नोलॉजी में इनोवेशन को बढ़ावा देकर, यह अपनी तरह की पहली पहल है जो स्केलेबल स्टार्टअप को बढ़ावा देने, समाज और इंडस्ट्री की चुनौतियों का समाधान करने और सस्टेनेबल, इनोवेशन-आधारित आर्थिक विकास के माध्यम से विकसित भारत के विजन को साकार करने में योगदान देने का लक्ष्य रखती है।
फेस्ट का उद्घाटन एटोस सॉल्यूशंस एंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ उमर अली शेख और राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान मौजूद गणमान्य व्यक्तियों ने सीयू इनोवफेस्ट 2026 के आधिकारिक मास्कॉट (शुभंकर) ‘इनोवबॉट’ (InnovBot) को भी लॉन्च किया गया, जो इनोवेशन, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और भविष्य-निर्माण की विज़न का प्रतीक है। फेस्ट में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। इच्छुक उम्मीदवार www.cuchd.in/innovfest-2026/ पर रजिस्टर कर सकते हैं।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा लॉन्च किया गया एआई फेस्ट एआई, डीप-टेक, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और दूसरे उभरते हुए फील्ड्स में भावी पीढ़ी को इनोवेशन के प्रति प्रेरित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस फेस्ट में तीन कैटेगरी में 35 से ज़्यादा कॉम्पिटिशन होंगे, जिनमें देश भर से 1,000 से ज़्यादा नेशनल और इंटरनेशनल टीमें भाग लेंगी। 1 करोड़ रुपये से ज़्यादा के कुल प्राइज़ पूल के साथ, विजेता टीमों को नकद पुरस्कार और उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह फेस्ट इमर्सिव हैकाथॉन, इनोवेशन चैलेंज, एक्सपर्ट पैनल डिस्कशन, स्किल-ड्रिवन वर्कशॉप और कोलैबोरेटिव सेशन के ज़रिए असरदार आइडिया के लिए एक लॉन्चपैड का काम करेगा। यह इनोवेशन, एक्सपेरिमेंटेशन और इंटरडिसिप्लिनरी कोलैबोरेशन की संस्कृति को बढ़ावा देगा।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा मेज़बानी किए जा रहे भारत के पहले एआई फेस्ट के तहत कैंपस टैंक इवेंट का नेशनल फिनाले होगा, जिसका उद्देश्य यूनिवर्सिटी संचालित स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है, जिनमें एआई , डीप-टेक, हेल्थकेयर और दूसरे उभरते हुए फील्ड में शामिल हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने भारतीय यूनिकॉर्न एवं प्रोफेशनल जॉब नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म ‘अपना’ और भारत के टॉप स्टार्टअप इनक्यूबेटर ‘वेंचर कैटलिस्ट्स’ (वीकैट्स) के साथ मिलकर अगस्त 2025 में कैंपस टैंक लॉन्च किया था, जिसमें 6 मिलियन डॉलर के फंडिंग पूल तक पहुंच संभव बनाई। कैंपस टैंक के लिए कुल 1055 स्टार्ट-अप आवदेन मिले, जिनमें से 331 स्टार्टअप्स को ऑन-कैंपस राउंड में हिस्सा लेने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। 21 फरवरी को होने वाले फिनाले में टॉप 10 टीमों के बीच फाइनल पिच कॉम्पिटिशन होगा।
एआई फेस्ट 2026 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (CU TBI) द्वारा आयोजित सैंडबॉक्स भी होगा जो एक ओपन इनोवेशन प्लेटफॉर्म है जो स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप्स और इंडिपेंडेंट इनोवेटर्स को हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करता है। एआई फेस्ट 2026 के दौरान, युवा इनोवेटर्स अपने नए प्रोडक्ट्स और आइडियाज़ दिखाएंगे। सीयू-टीबीआई फाइनल 10 शॉर्टलिस्टेड टीमों को सम्मानित करेगा ताकि एक डीप-टेक और एआई आधारित कोहोर्ट को औपचारिक किया जाएगा।
लॉन्च के दौरान छात्रों को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि एटोस सॉल्यूशंस और सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ उमर अली शेख ने कहा, “बिजनेस और इनोवेशन में सफल होने के लिएआत्मविश्वास, उद्देश्य और निरंतर सीखने की इच्छा सबसे अहम हैं। केवल कौशल पर्याप्त नहीं, बल्कि भीतर से आने वाली इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प जरूरी है। उन्होंने कहा कि जीवन और इनोवेशन मैराथन हैं, स्प्रिंट नहीं, जहां धैर्य, निरंतरता और फोकस आवश्यक हैं। टेक्नोलॉजी और एआई लगातार बदल रहे हैं, इसलिए अपनी स्किल्स और सॉल्यूशंस अपडेट बनाए रखने के लिए लगातार सीखते रहें।”
शेख ने आगे कहा, “कॉम्पिटिशन में करुणा का तालमेल ज़रूर करें। यही दृष्टिकोण इनोवेशन को दीर्घकालिक और सार्थक बनाता है। भारत एआई टैलेंट में ग्लोबल लीडर के रूप में उभर रहा है, जो देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था में सबसे अग्रणी बना रहा है। 2030 तक, एआई इकोसिस्टम से लाखों नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है, जो आर्थिक विस्तार और राष्ट्रीय विकास पर एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित करता है। लेकिन एआई एक सहायक है, रिप्लेसमेंट नहीं। यह हमें तेज़ी से और स्मार्ट तरीके से काम करने में मदद करता है, लेकिन मानवीय बुद्धिमत्ता का विकल्प नहीं है। एआई का समझदारी से इस्तेमाल करें, ऐसी स्किल्स और सोच विकसित करें जो आपको समाज और इंडस्ट्री के लिए मूल्यवान योगदानकर्ता बनाए।” उन्होंने छात्रों को सन्देश देते हुए कहा कि इनोवेशन में उद्देश्य, प्रभाव और नैतिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता दें। इनोवेटर्स के तौर पर, आपको सही रास्ते पर रहने और सीखने पर ध्यान देना चाहिए। खुद को एक मूल्यवान योगदानकर्ता बनाये , न कि सिर्फ़ एक चीज़। अपनी स्किल्स पर गर्व करें, दुनिया में बदलाव लाने की अपनी काबिलियत पर विश्वास कर दुनिया को दिखाएं कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के भारत के AI टैलेंट सिर्फ़ आईटी सपोर्ट नहीं, बल्कि असल दुनिया पर प्रभाव डालने में सक्षम हैं।”
राज्यसभा सांसद और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा, “19 फरवरी को दिल्ली में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के विज़न के अनुरूप चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी विकसित भारत के लक्ष्य को गति और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए भारत का पहला एआई फेस्ट लॉन्च किया है। 2047 तक विकसित भारत के विज़न को हासिल करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एक अहम भूमिका होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को विकसित भारत के चार प्रमुख स्तंभों में से एक माना है। इस राष्ट्रीय विज़न को साकार करने में युवा और टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लगातार टेक्नोलॉजी-आधारित पहल कर रही है ताकि युवाओं में इनोवेशन को बढ़ावा दिया जा सके और उनमें उद्यमशीलता की सोच विकसित की जा सके। भारत का पहला एआई फेस्ट इसी प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है। जिस तरह एआई इम्पैक्ट समिट ‘एआई फॉर ऑल’ एजेंडा के तहत लोग, पृथ्वी और प्रगति के तीन सूत्रों (बुनियादी स्तंभों) से निर्देशित है, उसी तरह सीयू में एआई फेस्ट , युवाओं को सामाजिक हित में एआई के उपयोग के लिए प्रेरित करेगा।”




