
देहरादून : प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए देहदान का संकल्प लिया है। उन्होंने दधीचि देहदान समिति को अपना विधिवत संकल्पपत्र सौंपते हुए यह घोषणा की। उनके इस निर्णय को समाज में सेवा, संवेदना और मानवीय मूल्यों की दिशा में एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
दधीचि देहदान समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल ने पूर्व मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का यह संकल्प मानवता, परोपकार और सामाजिक दायित्व की भावना को जीवंत करता है। उन्होंने बताया कि पूर्व सीएम ने अपने निधन के उपरांत नेत्रों सहित सभी प्रत्यारोपण योग्य अंगों के दान का संकल्प लिया है, जिससे अनेक जरूरतमंदों को नया जीवन मिल सकेगा।
डॉ. गोयल ने कहा कि देहदान भारतीय संस्कृति और परंपरा का वह श्रेष्ठ स्वरूप है, जिसमें व्यक्ति अपने शरीर को भी समाज और राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर देता है। यह निर्णय महर्षि दधीचि की उस महान परंपरा का स्मरण कराता है, जिन्होंने मानव कल्याण के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया था।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार का संकल्प चिकित्सा शिक्षा, शोध और वैज्ञानिक अध्ययन के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। साथ ही नेत्रदान और अंगदान के माध्यम से कई असहाय और निराश लोगों के जीवन में आशा की नई किरण और उजाला पहुंचेगा।
समाजसेवियों और चिकित्सकों ने पूर्व मुख्यमंत्री के इस निर्णय को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि यदि जनप्रतिनिधि और समाज के प्रतिष्ठित लोग इस तरह के मानवीय संकल्प लें, तो देहदान और अंगदान के प्रति समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच को नई दिशा मिलेगी।




