
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राज्य मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और कुल आठ प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी। इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार, औद्योगिक विकास, शिक्षा, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए सेवाकाल के दौरान एक बार म्युचुअल आधार पर स्थानांतरण की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इससे कर्मचारियों को पारिवारिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार स्थानांतरण में सहूलियत मिलेगी और विभागीय कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में भी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में सरकार सीधे भूस्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर बातचीत कर सकेगी, जिससे लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी और विवादों में कमी आने की उम्मीद है।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सिडकुल ऊधमसिंहनगर द्वारा अधिग्रहित भूमि को सब-लीज पर देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी दी गई है। इससे नए उद्योगों की स्थापना आसान होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जनजातीय क्षेत्रों के कल्याण को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने जनजाति कल्याण अधिकारी के पद सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की है। इससे जनजातीय समाज से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
भूजल संरक्षण और उसके नियंत्रित उपयोग को ध्यान में रखते हुए भूजल के व्यावसायिक उपयोग से संबंधित नियमावली को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे भूजल के अंधाधुंध दोहन पर रोक लगेगी और संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने जीआरडी उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय को मंजूरी प्रदान की है। इससे राज्य में उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे और छात्रों को बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
रणनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए चिन्यालीसैण और गोचर हेलीपैड को रक्षा मंत्रालय को सौंपने पर भी कैबिनेट ने सहमति दी है। इससे सीमावर्ती और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रक्षा एवं राहत कार्यों को मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा देने के लिए राज्य नीति को भी हरी झंडी दी है। सरकार का मानना है कि इससे स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा, निवेश बढ़ेगा और उत्तराखंड को ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, कैबिनेट बैठक में लिए गए ये फैसले राज्य के प्रशासनिक सुधार, औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं।






