
खैबर पख्तूनख्वा की तिराह घाटी में लोगों में अचानक खलबली मच गई। मस्जिदों के लाउडस्पीकरों के माध्यम से एक चेतावनी जारी की गई, जिसमें नागरिकों से अपने घर खाली करने और बच्चों, बुजुर्गों सहित सुरक्षित स्थान की ओर जाने को कहा गया। भारी बर्फबारी और सर्दी के बावजूद स्थानीय लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए।
तिराह घाटी खैबर जिले में स्थित है और पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर के बेहद करीब है। ऐतिहासिक रूप से यह खैबर दर्रे से जुड़ी हुई है और सदियों से सैन्य और सामरिक दृष्टि से अहम मानी जाती है। घाटी की संवेदनशील स्थिति के कारण यहां बड़े ऑपरेशन के दौरान नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर भेजना जरूरी हो गया।
पाकिस्तानी सेना टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के आतंकवादियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन की तैयारी कर रही है। टीटीपी के आतंकवादी लगातार इलाके में हमला कर रहे हैं, जिससे स्थानीय सुरक्षा खतरे में है। इस खतरे को देखते हुए सेना ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के आदेश जारी किए।
सिराह घाटी के लगभग 70,000 लोग भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बावजूद अपने घरों को खाली करने के लिए मजबूर हुए। बच्चों और बुजुर्गों के साथ पलायन करना आसान नहीं था, लेकिन सैन्य ऑपरेशन और खतरे की वजह से कोई विकल्प नहीं बचा।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में तिराह घाटी के नागरिकों को सैन्य ऑपरेशन के चलते घर खाली करने का आदेश मिला। टीटीपी आतंकवादियों की बढ़ती सक्रियता और इलाके की संवेदनशील स्थिति के कारण लगभग 70,000 लोग बर्फबारी और ठंड के बावजूद सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। सैन्य और सामरिक महत्व रखने वाली यह घाटी पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास स्थित है, जहां टीटीपी के खिलाफ बड़े ऑपरेशन की तैयारी जारी है।





