
सैदपुर: मोहल्ला खेड़ा स्थित दादा मियां वाली मस्जिद में हर साल की परंपरा को कायम रखते हुए इस वर्ष भी 28वीं और 29वीं तरावीह में शबीना (मुकम्मल कुरआन पाक का पाठ) का आयोजन बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम की सदारत मुफ्ती कारी सय्यद मोहम्मद वाकिफ अली साहब ने की।
इस मौके पर एक दर्जन से अधिक हुफ्फाज ने कुरआन पाक सुनाने की सआदत हासिल की। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें छोटे-छोटे बच्चों ने भी हिस्सा लिया। सबसे कम उम्र के हाफिज, महज 8 साल के सय्यद आतिर अहमद अली ने भी कुरआन पाक सुनाकर सभी को प्रभावित किया। इनके अलावा हाफिज सय्यद नवाज़ जहीर अली, हाफिज जुहद अफलाक अली, हाफिज गिलमान रिजवान खान, हाफिज अनीक अली, हाफिज उजैर अली और हाफिज जियान अली ने भी अपनी आवाज में कुरआन पाक पेश किया।
मस्जिद दादा मियां के इमाम हाफिज रिजवान खान ने इस अवसर पर खिताब करते हुए कुरआन की अहमियत और उसकी तालीम पर रोशनी डाली। वहीं सय्यद आतिफ अली ने भी अपने संबोधन में दीन की राह पर चलने और समाज में भाईचारे को बढ़ावा देने की बात कही।
कार्यक्रम में मस्जिद कमेटी के जिम्मेदारान भी मौजूद रहे, जिनमें मुतवल्ली सय्यद सरवत अली, सेक्रेटरी सय्यद तहब्बर अली, मस्जिद खादिम सय्यद मोहम्मद स्वालेह अली, सय्यद जहीरुल हसन, सय्यद अमजद बाबा, सय्यद आबदीन अली और सय्यद आरिफ अली सहित अन्य लोग शामिल रहे।
अंत में मुफ्ती सय्यद मोहम्मद वाकिफ अली ने दुआ-ए-खास कराई, जिसमें पूरी कौम और मुल्क में अमन, तरक्की और खुशहाली की दुआ की गई। कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोगों के लिए मस्जिद कमेटी की ओर से सहरी का भी इंतजाम किया गया।
रिपोर्ट: ज़ीशान सिद्दीकी, सैदपुर






