
दिल्ली : एलपीजी सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने 25 मार्च को विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्ष की नेता आतिशी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है और इसका खामियाजा देश की जनता भुगत रही है। उन्होंने भाजपा पर चुनावी वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया और मुफ्त सिलेंडर देने के वादे को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब लगता है योजना सिलेंडर को ही गायब कर देने की थी।
इसी बीच, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर दिया है। यह तनाव अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता देखी जा रही है। इस स्थिति का असर भारत जैसे ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर भी पड़ सकता है।
हालांकि भारत के लिए राहत की खबर यह रही कि दो भारतीय एलपीजी पोत ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इन जहाजों में कुल 92,612.59 मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ है और इनमें सवार भारतीय नाविकों ने इस चुनौतीपूर्ण मार्ग को सफलतापूर्वक पार किया। ये पोत 26 से 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचेंगे, जिससे घरेलू गैस आपूर्ति को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से मिलकर काम करने का आह्वान किया है। उन्होंने शांति और संवाद के जरिए समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया और खाड़ी क्षेत्र में रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा, व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले असर को गंभीर बताया।





