
मेरठ : दौराला इलाके में शुक्रवार रात करीब आठ बजे एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया, जब शराब पीने के बाद तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शराब जहरीली थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ। घटना के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और जिलाधिकारी के आदेश पर संबंधित देसी शराब के ठेके को सील कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, यह ठेका भाकियू नेता मिंटू अहलावत के पिता जयपाल अहलावत के नाम पर है। पुलिस ने देर रात जयपाल अहलावत और ठेके पर काम करने वाले दो सेल्समैन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि अंकित और जितेंद्र ने बाबूराम के साथ मिलकर शराब का सेवन किया था। शराब पीने के कुछ ही देर बाद तीनों की हालत अचानक बिगड़ने लगी। बाबूराम के बेटे सचिन ने बताया कि हालत गंभीर होने पर उन्हें टोल प्लाजा के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने अंकित और जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया। करीब एक घंटे बाद बाबूराम की भी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने बताया कि संबंधित ठेके से नौ पेटी शराब की बिक्री हुई है और अब यह जांच की जा रही है कि यह शराब किन-किन स्थानों पर पहुंची। वहीं एसएसपी ने स्पष्ट किया कि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
घटना के बाद पूरे दौराला कस्बे में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मंदिरों और मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से मुनादी कराई कि लोग फिलहाल शराब न खरीदें और यदि किसी ने पहले से खरीदी है तो उसका सेवन बिल्कुल न करें। साथ ही आबकारी विभाग और पुलिस की टीमें ठेकों पर स्टॉक की जांच में जुट गई हैं।
शनिवार को डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर करीब आधे घंटे तक गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पता लगाने पर जोर दिया गया कि शराब की खेप कहां से आई, उसमें मिलावट किस स्तर पर हुई और स्थानीय निगरानी में कहां चूक हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हर साक्ष्य को जोड़कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तरह उनके साथ है। एसएसपी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
इस दौरान ग्रामीणों का गुस्सा भी सामने आया। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार की शिकायतें पहले भी दी जाती रही हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कदम उठाए जाते तो शायद यह दर्दनाक घटना टल सकती थी।




