June 15, 2026

1 thought on “सड़क, नमाज़ और कुर्बानी: आखिर कब समझेगा समाज अनुशासन का महत्व

  1. अनुकरणीय और सराहनीय आलेख. बिना लाग लपेट कटु सत्य का चित्रण. यक्ष प्रश्न? सहमत और असहमत होने वालों का प्रतिशत कितना? मेरी व्यक्तिगत सोच है जिस मानव के मस्तिष्क में राजनीति, मजहब का पुराना कीड़ा अभी भी मौजूद है वह आज भी इन विचारों के विरोध में खड़े है, लेकिन शिक्षित आमजन जो राष्ट्र प्रथम की सोच को सर्वोपरि मानते या मानने लगे हैं, निश्चित ही सहमत है और धीरे धीरे प्रतिशत भी बढ़ता जा रहा है. आप अपनी कलम को इसी तरह निर्भीकता से चलाते रहें, सर्व शक्तिमान आपको दीर्घायु रखे.
    गढ़ नरेश

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