
देहरादून: केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त प्रयास से देहरादून के परेड ग्राउंड में 11 से 15 जुलाई तक लोक संवर्धन पर्व के छठे संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव का उद्घाटन 11 जुलाई को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास तथा केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। यह महोत्सव 15 जुलाई तक आम लोगों के लिए निशुल्क रहेगा।
यह पहला अवसर है जब लोक संवर्धन पर्व का आयोजन किसी राज्य सरकार की साझेदारी में किया जा रहा है। प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के तहत उत्तराखंड इस पहल में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ जुड़ने वाला पहला राज्य बना है। इस सहयोग का उद्देश्य पारंपरिक कला, शिल्प और पाक विरासत के संरक्षण के साथ कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका को सशक्त बनाना है।
वर्ष 2024 में शुरू हुई इस पहल के तहत अब तक राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) के सहयोग से पांच सफल संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे 550 से अधिक कारीगरों और पाक विशेषज्ञों को लाभ मिला है। यह मंच विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों, उद्यमियों और पारंपरिक व्यंजन विशेषज्ञों को अपने उत्पादों और प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर देता है।
छठे संस्करण में देशभर की पारंपरिक कला और शिल्प को प्रदर्शित करने के लिए करीब 150 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें लगभग 40 प्रतिशत स्टॉल उत्तराखंड की लोक कला और हस्तशिल्प को समर्पित होंगे, जिससे प्रदेश के कारीगरों को अपनी रचनात्मकता दिखाने का विशेष मंच मिलेगा। अन्य स्टॉलों पर जम्मू-कश्मीर के हस्तशिल्प, अजरख ब्लॉक प्रिंटिंग, लाख की चूड़ियां, लकड़ी और पीतल की कलाकृतियां, टेराकोटा, बेंत और बांस से बने उत्पाद तथा देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पारंपरिक हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
इसके साथ ही महोत्सव में 20 फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां गढ़वाली, कुमाऊँनी, राजस्थानी, महाराष्ट्रीयन और लखनवी सहित देश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद आगंतुकों को चखने का अवसर मिलेगा।





