
देहरादून : बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में गठित बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है। करीब एक सप्ताह तक चली गहन पड़ताल के बाद समिति अब अपनी रिपोर्ट मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) को सौंपने की तैयारी में है। रिपोर्ट मिलने के बाद बीकेटीसी आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है।
यह मामला उस समय सामने आया था जब भैरव सेना के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने बीकेटीसी के एक कर्मचारी पर बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी और धनराशि में हेराफेरी करने का आरोप लगाया था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बीकेटीसी ने तुरंत चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच के दौरान समिति को कुछ ऐसे तथ्य मिले, जिनके आधार पर बीकेटीसी ने संबंधित कर्मचारी और सीईओ के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को चढ़ावे की गणना ड्यूटी और प्रोटोकॉल संबंधी जिम्मेदारियों से अलग कर दिया था। इसके बाद जब जांच आगे बढ़ी और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई, तो कथित रूप से कर्मचारी की गतिविधियां संदेह के दायरे में पाई गईं। इसके आधार पर प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया।
जांच समिति ने पूरे एक सप्ताह तक बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना प्रक्रिया, गणना कक्ष में तैनात कर्मचारियों की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्थाओं और सीसीटीवी फुटेज सहित हर पहलू की विस्तृत जांच की। समिति ने संबंधित कर्मचारियों से भी पूछताछ की और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया।
शुक्रवार को समिति ने अपनी जांच प्रक्रिया पूरी कर ली। अब सभी तथ्यों और साक्ष्यों को संकलित कर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी को सौंपा जाएगा। बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने जांच पूरी होने की पुष्टि करते हुए कहा कि समिति की रिपोर्ट अभी उनके पास नहीं पहुंची है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।इस मामले ने बदरीनाथ धाम की चढ़ावा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट और बीकेटीसी की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।






