
देहरादून: उत्तराखंड सरकार विशेष श्रेणी (स्पेशल कैटेगरी) के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए नई खेल नीति में बड़े और विशेष प्रावधान करने जा रही है। प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार इन खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार कर रही है।
शनिवार को देहरादून स्थित हिमाद्री आइस रिंक में आयोजित ‘स्पेशल ओलंपिक भारत नेशनल चैंपियनशिप फिगर एंड स्पीड स्केटिंग’ के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने यह घोषणा की। प्रतियोगिता में देश के 11 राज्यों से आए 100 से अधिक विशेष श्रेणी के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
खेल मंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विशेष श्रेणी के बच्चों का साहस, आत्मविश्वास और संघर्ष प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी तमाम शारीरिक और मानसिक चुनौतियों को पार कर खेल के मैदान में अपनी पहचान बना रहे हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
रेखा आर्या ने कहा कि सामान्य खिलाड़ियों की तुलना में विशेष श्रेणी के खिलाड़ियों के सामने चुनौतियां कहीं अधिक होती हैं। ऐसे में उन्हें समाज और सरकार दोनों की ओर से अतिरिक्त सहयोग, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और विशेष प्रोत्साहन मिलना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश राज्यों की खेल नीतियों में विशेष श्रेणी के बच्चों के लिए अलग और प्रभावी प्रावधान नहीं हैं, लेकिन उत्तराखंड इस सोच को बदलने जा रहा है। नई खेल नीति में इन खिलाड़ियों के कल्याण, विशेष प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता को प्राथमिकता दी जाएगी।
खेल मंत्री ने विश्वास जताया कि हिमाद्री आइस रिंक में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ी भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए वर्ष 2029 में होने वाले स्पेशल ओलंपिक वर्ल्ड गेम्स में भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इन खिलाड़ियों के सपनों को साकार करने और उनकी तैयारियों को मजबूत बनाने के लिए हर संभव सहयोग देगी।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मंत्री दीप्ति रावत, इंडियन आइस स्केटिंग फेडरेशन के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा, स्पेशल ओलंपिक भारत के क्षेत्रीय निदेशक डीबीएस रावत, बोर्ड सदस्य राजेश्वर, खेल विभाग के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए कोच, अभिभावक और खेल प्रेमी मौजूद रहे।





