
टिहरी गढ़वाल /देहरादून : वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड के कुलपति डॉ. भगवती प्रसाद भट्ट के दिशानिर्देशन, वानिकी महाविद्यालय एवं पर्वतीय कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) तारा सिंह मेहरा एवं निदेशक शैक्षणिक डॉ. अरविंद बिजल्वाण के सहयोग एवं मार्गदर्शन में पर्वतीय कृषि महाविद्यालय, रानीचैरी परिसर के पादप रोग विज्ञान विभाग की ओर से 28 से 30 जुलाई, 2026 तक किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से हिम्मोत्थान सोसाइटी, देहरादून (टाटा ट्रस्ट की एक पहल) के सहयोग से कृषकों के लिए तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय “क़ृषि एवं बागवानी फसलों में जैविक प्रणाली के अंतर्गत समेकित पादप रोग एवं कीट प्रबंधन” है। कार्यक्रम का समन्वयन पादप रोग विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी रावत की ओर से किया जा रहा है। सह-समन्वयक के रूप में डॉ. तौफीक अहमद एवं डॉ. अंकित टम्टा के द्वारा कार्यक्रम के संचालन में सहयोद प्रदान किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र के अवसर पर प्रायोजक संस्था हिम्मोत्थान सोसाइटी देहरादून के प्रतिनिधि डॉ. अक्षित कुकरेती, संदीप रतूड़ी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में छह क्लस्टरों कृ थलीसैंण, मालदेवता, जड़ीपानी, देवाल, उत्तरकाशी तथा दुगड्डा के अंतर्गत चयनित 13 गाँवों से कुल 25 कृषक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कृषकों को कृषि एवं बागवानी फसलों में रोग एवं कीटों के समेकित, जैविक एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन की आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराना तथा टिकाऊ एवं सुरक्षित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है। डॉ. अरविन्द बिजल्वाण, निदेशक शैक्षणिक, भरसार, विश्वविद्यालय, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए एवं किसानो को अपने सम्बोधन से लाभान्वित किया।
डॉ लक्ष्मी रावत, कार्यक्रम समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष पादप रोग विज्ञान विभाग द्वारा बताया गया की कार्यक्रम का उद्देश्य कृषकों को व्यावहारिक ज्ञान देना एवं विश्वविद्यालय की नवीनतम तकनीकों से अवगत करवाना है। इस अवसर पर डॉ लक्ष्मी रावत ने सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं सहयोग के लिए भरसार विश्वविद्यालय केे कुलपति प्रोफेसर बीपी भट्ट एवं पर्वतीय कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रोफेसर तारा सिंह महरा के प्रति हार्दिक कृतज्ञता एवं आभार प्रकट किया।
उद्घाटन सत्र में डॉ आर के प्रसाद, डॉक्टर पंकज कुमार, डॉक्टर संजीव वर्मा, डॉक्टर संजीव रवि, डॉ. गिरीश दांगी, डॉ. अमन डबराल, डॉ. उदय भानु प्रताप, डॉ शिखा टम्टा, डॉक्टर बिजेंद्र लाल, रजनी रमोला, ललिता, सौरभ रावत, नीलम नेगी तथा मुकेश कोठारी आदि 60 अधिक लोग सम्मिलित थे।





