
सैदपुर : बस्ती के मोहल्ला काज़ी स्थित अहले हदीस मस्जिद में मिलादुन्नबी की हैसियत और अहले तौहीद की जिम्मेदारियों के विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस दौरान वक्ताओं ने नबी-ए-करीम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत, तौहीद और सच्चे ईमान की अहमियत पर विस्तार से रोशनी डाली।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मौलाना शमीम अहमद सल्फी साहब ने कहा कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पैदाइश की खुशी मनाने का दावा करने मात्र से ईमान मुकम्मल नहीं होता। उन्होंने कहा कि चचा अबू लहब ने भी नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पैदाइश पर खुशी का इज़हार किया था, लेकिन उन्होंने नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम द्वारा बताए गए अल्लाह के कलमे और तौहीद को स्वीकार नहीं किया। इससे यह बात स्पष्ट होती है कि केवल खुशी का इज़हार करना पर्याप्त नहीं, बल्कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत और तौहीद के रास्ते पर चलना ही असल ईमान का हिस्सा है।
मौलाना शमीम अहमद सल्फी ने कहा कि मुसलमानों को अपनी जिंदगी को कुरआन और सुन्नत के मुताबिक ढालना चाहिए। अल्लाह की इबादत में किसी को शरीक न करना, तौहीद पर कायम रहना और नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को अपनी जिंदगी में लागू करना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दीन की सही जानकारी हासिल करें और उसे दूसरों तक भी पहुंचाने की कोशिश करें।
कार्यक्रम में दूसरे मेहमान रहीम दाद खान साहब ने भी अपने संबोधन में कहा कि असल ईमान अल्लाह पर सच्चा ईमान रखने और नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत पर चलने में है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अपनी जिंदगी को इस्लाम की तबलीग और नेक कामों के लिए लगाना चाहिए तथा हर हाल में हक पर कायम रहना चाहिए। उन्होंने आपसी भाईचारे, अच्छे अखलाक और दीन की शिक्षाओं पर अमल करने पर भी जोर दिया।
वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में जरूरी है कि नई पीढ़ी को इस्लाम की सही शिक्षाओं, तौहीद, सुन्नत और नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत से अवगत कराया जाए। इसके साथ ही समाज में अमन, भाईचारा और सद्भाव कायम रखने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में हाजी रजीउद्दीन, हाफिज साजिद, अफजल खान, मुस्तफा खान, तसव्वर खान, असलम वारसी, जुनैद खान, मोहम्मद सरवर, मोहम्मद इदरीस, तबरेज खान, नदीम खान** सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में हाफिज साजिद हतरवी** ने कौम और मुल्क की तरक्की, अमन-चैन और खुशहाली के लिए विशेष दुआ कराई। दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
रिपोर्ट: ज़ीशान सिद्दीकी, सैदपुर






