
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 10 प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखे गए, जिन पर सरकार ने चर्चा के बाद मंजूरी प्रदान की। बैठक में कर्मचारियों, खिलाड़ियों, चिकित्सा शिक्षा, न्यायिक व्यवस्था, भूमि आवंटन और प्रदेश में आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
कैबिनेट ने उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही उत्तराखंड कारागार विभाग से संबंधित सेवा नियमावली में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अपर महानिरीक्षक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी सहमति प्रदान की है।
सरकार ने शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी दी है। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय और शुल्क की दरों में बढ़ोतरी की जाएगी। माना जा रहा है कि इस निर्णय से लंबे समय से शुल्क पुनर्निर्धारण की प्रतीक्षा कर रहे शासकीय अधिवक्ताओं को राहत मिलेगी।
कैबिनेट बैठक में विधिक माप विज्ञान विभाग से संबंधित सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सेवा नियमावली में संशोधन के माध्यम से विभागीय व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी और वर्तमान जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल इंटर्न छात्रों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। अब मेडिकल इंटर्न छात्रों को प्रतिमाह 25 हजार रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा। इससे पहले उन्हें 17 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता था। सरकार के इस फैसले से मेडिकल इंटर्न छात्रों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कैबिनेट ने अहम निर्णय लिया। अपर सहायक व्यायाम के 33 पद सृजित किए गए हैं। ये पद मेडल विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित होंगे। इसके अलावा खेल नीति-2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने से संबंधित प्रस्ताव भी कैबिनेट में आया। इसके तहत विभिन्न विभागों में कुल 245 पदों पर खिलाड़ियों की नियुक्ति का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
इन नियुक्तियों का लाभ अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगा। युवा कल्याण, परिवहन, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों में खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार के इस कदम को खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खिलाड़ियों को बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैबिनेट ने मसूरी में भूमि से संबंधित प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई। जीएमवीएन की पार्किंग में से 972 गज भूमि गढ़वाल सभा को दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे संबंधित लंबे समय से चल रहे भूमि आवंटन के मामले में सरकार ने अपनी मंजूरी प्रदान की है।
इसके अलावा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से जुड़े प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया। हरिद्वार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम निदेशालय की जमीन के निकट सलेमपुर में 15 एकड़ भूमि ईएसआई अस्पताल के लिए उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे क्षेत्र में ईएसआई से संबंधित चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुलने की उम्मीद है।
बैठक में प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मंत्री और प्रभारी भी शामिल होंगे। सरकार की ओर से अभियान के माध्यम से जनसरोकार से जुड़े मुद्दों और सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं, खिलाड़ियों, मेडिकल छात्रों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को राहत देने वाला माना जा रहा है। विशेष रूप से मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी के अवसर बढ़ाने के निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





