
देहरादून : उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार भले ही कुछ धीमी पड़ गई हो, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। पहाड़ों में कई स्थानों पर तेज बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि मैदानी इलाकों में धूप और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार, 12 सितंबर को देहरादून समेत पांच जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आकाशीय बिजली चमकने और गरज के साथ तेज बौछारें पड़ने की आशंका है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 12 सितंबर को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और उत्तरकाशी जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में मौसम के अचानक करवट लेने और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई स्थानों पर गर्जन के साथ तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आगामी 17 सितंबर तक उत्तराखंड में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। इस दौरान पर्वतीय जिलों में बारिश के दौर जारी रहने की संभावना है। कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के साथ धूप और उमस का असर देखने को मिल सकता है। मौसम में इस तरह के बदलाव के चलते तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
शुक्रवार को प्रदेश के मैदानी इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत गर्म रहा। सुबह से ही तेज धूप खिली रही, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। राजधानी देहरादून में भी दिनभर चटक धूप ने लोगों को परेशान किया। यहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री अधिक रहा। तापमान में इस बढ़ोतरी के कारण दिन के समय गर्मी का असर साफ दिखाई दिया।
हालांकि, दिनभर की गर्मी के बाद देर शाम देहरादून में मौसम ने करवट ली और तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। बारिश के बाद तापमान में राहत महसूस की गई और वातावरण सुहाना हो गया। इससे दिनभर गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत मिली। राजधानी में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया।
प्रदेश के अन्य मैदानी इलाकों में भी मौसम का कुछ ऐसा ही मिजाज देखने को मिला। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का असर रहा, जबकि शाम के समय कुछ स्थानों पर बारिश होने से मौसम में ठंडक लौट आई। मौसम में हो रहे इस बदलाव के कारण आने वाले दिनों में भी कहीं गर्मी तो कहीं बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की सलाह दी जा रही है। विशेषकर बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी वाले क्षेत्रों में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम खराब होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
फिलहाल प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय भले न हो, लेकिन पर्वतीय जिलों में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक राज्य में मौसम इसी तरह बदलता रहेगा। 17 सितंबर तक बारिश और धूप का यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रदेशवासियों को कहीं गर्मी तो कहीं बारिश का सामना करना पड़ सकता है।



