
देहरादून : मोहब्बेवाला में चार लोगों की मौत का कारण बने भीषण सड़क हादसे के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सड़क सुरक्षा में कथित लापरवाही को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि सड़क पर सुरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजाम नहीं किए गए, जबकि पहले भी कई बार संबंधित विभागों को खामियों से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मोहब्बेवाला में कुछ समय पहले कार और कंटेनर की जोरदार भिड़ंत हो गई थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में मौजूद छह साल के बच्चे को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। इस दर्दनाक हादसे के बाद सड़क की बनावट और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
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आईएसबीटी चौकी प्रभारी जयवीर सिंह की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया है कि नवनिर्मित एनएच-72ए (दिल्ली-देहरादून-पांवटा मार्ग) पर वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाओं का अभाव है। मार्ग पर न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही यातायात संकेतक, रिफ्लेक्टर और रोड मार्किंग की उचित व्यवस्था की गई है। रात के समय रोशनी की कमी भी हादसों का खतरा बढ़ा रही है।
पुलिस ने मोहब्बेवाला के आसपास सड़क किनारे गड्ढे होने और अचानक आने वाले तीखे मोड़ों तथा ढलान को भी दुर्घटनाओं की प्रमुख वजहों में शामिल किया है। इन परिस्थितियों में वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का समय रहते अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित स्थान पर पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं। इन दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान गई और अनेक लोग घायल हुए। पुलिस की ओर से संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को कई बार पत्र भेजकर सुरक्षा संबंधी खामियों को दूर करने की मांग की गई थी, लेकिन इसके बाद भी हालात में सुधार नहीं हुआ।
इस मामले में चार नवंबर की रात पटेलनगर थाने में एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1), 125(ए), 125(बी) और 281 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक को सौंपी गई है। पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों के साथ ही सड़क निर्माण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा मानकों के पालन में हुई कथित लापरवाही की भी जांच कर रही है।






