
महाराष्ट्र : पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शिवराज पाटिल का शुक्रवार सुबह महाराष्ट्र के लातूर में 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से वृद्धावस्था से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे और उनका उपचार घर पर ही चल रहा था। सुबह लगभग 6:30 बजे उन्होंने अपने निवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से कांग्रेस पार्टी सहित पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पाटिल के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
12 अक्टूबर 1935 को जन्मे शिवराज पाटिल का राजनीतिक करियर बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने लगातार सात बार—1980, 1984, 1989, 1991, 1996, 1998 और 1999 में—लातूर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा 1972 और 1978 में भी वे लातूर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। हालांकि 2004 में वे भाजपा उम्मीदवार रूपताई पाटिल निलंगेकर से चुनाव हार गए।
शिवराज पाटिल ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पद संभाले। वे महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के प्रमुख नेता थे और राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी मजबूत पकड़ थी। 2008 में मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमलों के दौरान वे देश के गृह मंत्री थे। इस हमले में सुरक्षा चूक को लेकर उन पर कड़ी आलोचना हुई, जिसके बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।लातूर स्थित उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में लोग और पार्टी कार्यकर्ता एकत्र होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनके निधन को राजनीतिक जगत ने एक युग का अंत बताया है।





