
सैदपुर : नगर में महिला कल्याण विभाग के तत्वावधान में “बाल विवाह मुक्त भारत” जागरूकता अभियान के तहत जिला स्तरीय दल द्वारा व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत दल के सदस्यों ने नगर के विभिन्न मोहल्लों और गलियों में जाकर आम नागरिकों से सीधा संवाद किया और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ लोगों को जागरूक किया।
इस जागरूकता अभियान का नेतृत्व श्री एम. एच. कादरी ने किया। उनके नेतृत्व में जिला स्तरीय टीम ने घर-घर जाकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया और इसे रोकने के लिए समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। टीम के सदस्यों ने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इस विषय में जागरूक करें और किसी भी स्थिति में बाल विवाह को बढ़ावा न दें।
अभियान के दौरान गली-गली घूमकर लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे अपने क्षेत्र को बाल विवाह मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। नगर के संभ्रांत नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से रूबरू होकर अभियान को सफल बनाने के लिए उनका सहयोग भी मांगा गया।
कार्यक्रम में समाजसेवी मो. आरिफ नूरी, वार्ड मेंबर एहतराम उद्दीन, पत्रकार जीशान सिद्दीकी, नज़र उद्दीन, फुरकान कादरी और नदीम खान सहित कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया और जागरूकता अभियान को निरंतर जारी रखने की बात कही।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इससे न केवल उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है, बल्कि समाज की प्रगति भी बाधित होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कानून की जानकारी रखें और किसी भी तरह के बाल विवाह की सूचना संबंधित विभाग को दें।
जागरूकता अभियान के माध्यम से नगरवासियों में बाल विवाह के खिलाफ एक सकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास किया गया, ताकि सैदपुर को बाल विवाह मुक्त नगर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।







