
देहरादून : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। बसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि बसन्तोत्सव प्रकृति के श्रृंगार, नई ऊर्जा और नवचेतना का प्रतीक पर्व है, जो जीवन में सकारात्मकता और उत्साह का संचार करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बसंत पंचमी का दिन विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी माता सरस्वती को समर्पित है। यह पर्व ज्ञानार्जन, सृजनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के साथ-साथ समाज में शिक्षा, संगीत, साहित्य और कला के प्रसार का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
श्री धामी ने कहा कि बसंत ऋतु के आगमन के साथ ही प्रकृति नवजीवन से भर उठती है। खेतों में लहलहाती फसलें, वृक्षों पर नए पत्ते और फूल जीवन में आशा और उल्लास का संदेश देते हैं। यह पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रति भी जागरूक करता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और बसंत पंचमी का पर्व इस दिशा में प्रेरणा प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं में बसंत पंचमी का विशेष स्थान है। राज्य की लोकसंस्कृति, लोकगीतों और परंपराओं में बसंत ऋतु का उल्लास स्पष्ट रूप से झलकता है। उन्होंने कहा कि इस पर्व के माध्यम से हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से परिचित कराने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि बसन्तोत्सव का यह पावन पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में नई उमंग, उत्साह, शांति और खुशियों का संचार करेगा तथा सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता लेकर आएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अवसर पर आपसी सौहार्द, सामाजिक एकता और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।




