
देहरादून : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती की पूर्व संध्या पर उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें देश के महानतम और अग्रणी स्वतंत्रता सेनानियों में से एक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपने अद्वितीय नेतृत्व, अटूट संकल्प और अदम्य साहस के बल पर भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी का जीवन राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी नेताजी ने देश की आज़ादी के लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया और अपने विचारों एवं कार्यों से देशवासियों में आत्मसम्मान और स्वाभिमान की भावना को प्रबल किया।
धामी ने कहा कि आज़ाद हिंद फौज के संस्थापक एवं सेनानायक के रूप में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और स्वतंत्रता आंदोलन को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। उनका नारा “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” आज भी युवाओं के हृदय में राष्ट्रसेवा और बलिदान की भावना को जागृत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका त्याग, संघर्ष और अतुलनीय योगदान भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि नेताजी ने युवाओं को संगठित कर यह सिद्ध किया कि जब राष्ट्रहित सर्वोपरि होता है, तब असंभव भी संभव बन जाता है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आज के समय में नेताजी के विचार और आदर्श पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। उनके जीवन से हमें निःस्वार्थ सेवा, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन, संघर्ष और विचारों से परिचित कराना हम सभी का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे नेताजी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता को सुदृढ़ बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का प्रेरणादायी जीवन आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।




