
देहरादून: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 19 प्रस्तावों पर मुहर लगी। सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने का फैसला किया है। हर जिले में 10 गांवों को शामिल किया जाएगा और इसके लिए 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति जरूरी होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी और आपत्तियों के निस्तारण की व्यवस्था भी की जाएगी।
राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब कंप्यूटर ज्ञान के साथ 8000 की टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और विंडोज का ज्ञान अनिवार्य होगा। वहीं, सुगंध पौध केंद्र का नाम बदलकर परफ्यूमरी अनुसंधान संस्थान किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली के तहत दो नए पद भी सृजित किए जाएंगे।
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी मिली है। पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है। श्रीनगर राजकीय मेडिकल कॉलेज में 2009 से कार्यरत 277 कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा। लैब टेक्नीशियन संवर्ग के पुनर्गठन के तहत 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर पद बनाए जाएंगे। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के लिए 16 पदों को भी मंजूरी दी गई।
लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन करते हुए डेवलपर्स की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी समाप्त कर दी गई है। अब डीपीआर की जगह प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होगी। फॉरेस्ट क्लियरेंस मिलने के बाद परियोजनाओं की समय सीमा तय की जाएगी।
कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम की शैक्षिक नियमावली को भी मंजूरी दी। इसमें मान्यता आवेदन, नवीनीकरण और मान्यता समाप्त करने के नियम तय किए गए हैं। पंचायत निर्माण कार्यों के लिए मिलने वाली राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है।
फॉरेंसिक साइंस में 15 नए पद सृजित करने को मंजूरी मिली है। यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन के तहत अब होम स्टे में छह की जगह आठ कमरे तक संचालित किए जा सकेंगे। संचालक का वहीं रहना अनिवार्य होगा और नवीनीकरण स्वतः हो जाएगा।
इसके अलावा उत्तराखंड राज्य चकबंदी कर्मियों की सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई। यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में निदेशक चयन नियमावली में बदलाव करते हुए अब बाहरी व्यक्ति को भी निदेशक बनाए जाने का रास्ता साफ कर दिया गया है।




