June 15, 2026

1 thought on “हिंदी पत्रकारिता: लोकतंत्र का प्रहरी या सत्ता का प्रचारक?

  1. आज के इस दौर में इस तरह निर्भीकता से लिखने वाले पत्रकार मौजूद है, पढ़ और देख कर दिल बाग बाग हो जाता है। तब और खुशी होती है जब हुंकार पहाड़ की, तरह आप भी बेखौफ और सटीक लिखते है,
    अनुरोध रहेगा कलम को और धार दें और न कलम को न झुकने दें न रुकने दें, ना ही सोसल मीडिया इंफ्लूएंसर की राह पकड़ने दें. धाकड़ धामी के सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर
    धामी भाई जी मुबारक.

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