
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि प्रणब मुखर्जी का जीवन सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण और विद्वत्ता का अद्वितीय उदाहरण है। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रणब बाबू की बुद्धिमत्ता और स्पष्ट सोच ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों तक उनके साथ संवाद का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात थी और उन्होंने उनसे बहुत कुछ सीखा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रणब मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि संविधान की उनकी गहरी समझ और दशकों की सार्वजनिक सेवा भारत के शासन तंत्र पर अमिट छाप छोड़ती है। अमित शाह ने लिखा कि प्रणब मुखर्जी का जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट करते हुए कहा कि प्रणब मुखर्जी की दूरदृष्टि, सादगी और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण भारतीय लोकतंत्र की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने 2012 से 2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति के रूप में सेवा दी और उन्हें भारत के सबसे कुशल प्रशासकों में गिना जाता है। अपनी सर्वसम्मति स्थापित करने की क्षमता और राजनीतिक जटिलताओं को सुलझाने की दक्षता के कारण उन्होंने देश की नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।





