
देहरादून : प्रदेश में लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और खेती पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र सर्वे कराने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में बारिश न होने से गेहूं, सरसों, सब्जियों और बागवानी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। किसानों की आजीविका पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है, जिसे देखते हुए नुकसान का त्वरित आकलन बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी जिलों में तत्काल सर्वे कर वास्तविक नुकसान का आंकलन किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत दी जा सके।
बैठक में कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कृषि मंत्री ने इंटीग्रेटेड पैक हाउस के निर्माण और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप टेस्टिंग लैब की स्थापना के लिए कागजी कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक पैक हाउस और टेस्टिंग सुविधाओं से प्रदेश के फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर पहचान बना सकेंगे, जिससे किसानों को अधिक मूल्य मिलेगा।
मंत्री जोशी ने प्रदेश के 93 राजकीय उद्यानों को पुनर्जीवित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन उद्यानों को आय सृजन से जोड़ने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाए, ताकि ये उद्यान केवल शोभा तक सीमित न रहें बल्कि किसानों और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आमदनी का साधन बन सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि इन उद्यानों में आधुनिक तकनीक से पौध उत्पादन, फल उत्पादन और नर्सरी विकास को बढ़ावा दिया जाए।
बैठक में जायका परियोजना, कीवी मिशन, एप्पल मिशन और ड्रैगन फ्रूट मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने इन योजनाओं के लिए स्पष्ट और प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु फल उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है और यदि योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए तो प्रदेश बागवानी के क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है।
कृषि मंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित कृषि एवं उद्यान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से नियमित मॉनिटरिंग करने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक के दौरान सचिव कृषि डॉ. एसएन पांडे, उद्यान निदेशक सुंदर लाल सेमवाल, कैप निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान, बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, कृषि उपनिदेशक अजय वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मंत्री को विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश के किसान सरकार की प्राथमिकता हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बारिश न होने से प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी और कृषि व बागवानी के विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।







