
JNU में हुई यह घटना एक बार फिर छात्र राजनीति और प्रशासनिक नीतियों के टकराव को उजागर करती है। जहां पुलिस इसे कानून-व्यवस्था का मामला बता रही है, वहीं छात्र संगठन इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर कार्रवाई करार दे रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और कैंपस में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
JNU में छात्र संघ द्वारा आयोजित “लॉन्ग मार्च” अचानक हिंसक हो गया। यह मार्च शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय तक निकाला जाना था। प्रदर्शन के दौरान छात्र और Delhi Police आमने-सामने आ गए, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़े, लाठियां और जूते फेंके तथा मारपीट की। वहीं छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया।
छात्र नेताओं समेत 14 गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में JNUSU के मौजूदा और पूर्व पदाधिकारियों समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें JNUSU अध्यक्ष अदिति मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार, वाइस प्रेसिडेंट गोपिका बाबू और जॉइंट सेक्रेटरी दानिश अली शामिल हैं।
वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धाराओं 221, 121(1), 132 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक सेवकों को कर्तव्य निभाने से रोकने और उन पर हमला करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।
कई पुलिसकर्मी घायल, वरिष्ठ अधिकारी भी चोटिल
झड़प के दौरान करीब 25 पुलिसकर्मी घायल हुए। इनमें एसीपी वेद प्रकाश, एसीपी संघमित्रा, एसएचओ अतुल त्यागी और एसएचओ अजय यादव जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि कुछ अधिकारियों को दांत से काटा गया।घटना के बाद कैंपस और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके।
वायरल वीडियो ने बढ़ाया विवाद
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ छात्र कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों से हाथापाई करते, गालियां देते और लाठियां फेंकते नजर आ रहे हैं। एक वीडियो में नीतीश कुमार को यूनिवर्सिटी की दीवार पर चढ़कर छात्रों को संबोधित करते देखा गया है, जबकि दूसरे क्लिप में एक छात्र को पुलिस अधिकारी को थप्पड़ मारते हुए दिखाया गया है।हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन और पुलिस का बयान
पुलिस के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को कैंपस के बाहर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और उन्हें परिसर के अंदर ही प्रदर्शन करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद करीब 400-500 छात्र दोपहर करीब 3:20 बजे मेन गेट से बाहर निकलकर शिक्षा मंत्रालय की ओर बढ़ने लगे।एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जैसे-जैसे हालात बिगड़े, बैरिकेड्स तोड़े गए और पुलिस पर हमला किया गया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।”







