
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब खुले सैन्य संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है। देर रात शुरू हुई झड़पों ने देखते ही देखते भीषण रूप ले लिया और दोनों ओर से भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया। सीमावर्ती इलाकों में गोलाबारी और हवाई हमलों की खबरों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान एयरफोर्स ने अफगानिस्तान के कई क्षेत्रों में बमबारी की, जिसका “मुंहतोड़ जवाब” दिया गया। अफगान प्रशासन ने दावा किया है कि अब तक 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि पाकिस्तानी वायुसेना के एक जेएफ-17 लड़ाकू विमान को मार गिराया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
सीमा पर स्थित डूरंड लाइन के पास भी हालात बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं। अफगान पक्ष का कहना है कि उसके लड़ाकों ने पाकिस्तान की 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। वहीं पाकिस्तानी सेना की ओर से अभी तक इन दावों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन लंबे समय से विवाद और तनाव का कारण रही है।
तालिबान के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना ने हाल के दिनों में अफगानिस्तान की पूर्वी सीमाओं में घुसपैठ की और महिलाओं व बच्चों को निशाना बनाया। बयान में यह भी कहा गया कि अफगान बल अपनी “संप्रभुता और आजादी” की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं।
इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सब्र की इंतहा हो चुकी है और अब यह खुला संघर्ष है। उन्होंने आरोप लगाया कि तालिबान ने अफगानिस्तान को भारत का “कॉलोनी” बना दिया है।
दोनों देशों के बीच यह ताजा संघर्ष ऐसे समय में सामने आया है जब हाल के हफ्तों में सीमा पार हमलों और जवाबी कार्रवाइयों की घटनाएं बढ़ी थीं। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है कि यदि हालात पर काबू नहीं पाया गया तो यह संघर्ष व्यापक अस्थिरता का कारण बन सकता है। फिलहाल दोनों तरफ से दावे और पलट-दावे जारी हैं, जबकि जमीनी स्थिति को लेकर आधिकारिक और स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।







